ब्लोगिंग जगत के पाठकों को रचना गौड़ भारती का नमस्कार

Website templates

समर्थक

शनिवार, 30 अगस्त 2008

हाइकु

रंगी जीवन
सुर सुरा सुराही
एक तबाही

1 टिप्पणी:

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

बहुत सुंदर कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से
जीवन में हों सतरंगी रंग
सुर सुरा सुरबाला के संग
नहीं तो जीवन है नीरस
जीना हो जाता बेबस
कृपया पधारे manoria.blogspot.com and kanjiswami.blog.co.in